नमस्ते दोस्तों! मैं हूँ आपका अपना जिग्नेश मकवाना और आप देख रहे हैं jignman.com
शेयर मार्केट में अक्सर लोग पूछते हैं, “जिग्नेश भाई, कोई ऐसा तरीका बताओ जिससे पता चल सके कि कौन सा शेयर हीरा है और कौन सा पत्थर?” मेरे दोस्तों, स्टॉक मार्केट में कोई जादू की छड़ी तो नहीं होती, लेकिन कुछ Financial Ratios ऐसे होते हैं जो आपको कंपनी की असली कुंडली बता देते हैं।
आज मैं आपके साथ वो 7 रेशियो शेयर कर रहा हूँ जिन्हें मैं खुद पर्सनली यूज करता हूँ। अगर आप इन रेशियो को समझ गए, तो यकीन मानिए आप कभी भी किसी गलत कंपनी में पैसा नहीं फंसाएंगे। तो चलिए, जिग्नेश भाई के साथ शुरू करते हैं रेशियो का यह पोस्टमार्टम!
1. PE Ratio (Price to Earnings): क्या शेयर सस्ता है या महंगा?
PE रेशियो हमें बताता है कि कंपनी के 1 रुपये कमाने के बदले में हम उसे कितने रुपये दे रहे हैं।
जिग्नेश भाई का नियम: सामान्य तौर पर PE रेशियो जितना कम हो, उतना बेहतर माना जाता है (अंडरवैल्यूड स्टॉक)।
यह भी जाने: कंपनी अमीर है या कर्जदार, यह जानने के लिए बैलेंस शीट पढ़ना जरूरी है। हमारा लेख [Balance Sheet कैसे पढ़ें?] आपकी बहुत मदद करेगा।
2. ROE (Return on Equity): मालिकों के पैसे पर कितनी कमाई?
यह रेशियो बताता है कि कंपनी ने शेयरधारकों (Shareholders) के पैसे का उपयोग करके कितना मुनाफा कमाया।
मेरा क्राइटेरिया: मैं मानता हूँ कि एक अच्छी कंपनी का ROE 15% से ऊपर होना चाहिए। अगर इससे कम है, तो मैनेजमेंट में कहीं न कहीं कमी है।
3. ROCE (Return on Capital Employed): असली ताकत का पैमाना
अक्सर लोग सिर्फ ROE देखते हैं, लेकिन मैं कहता हूँ कि ROCE उससे भी ज्यादा जरूरी है। यह बताता है कि कंपनी ने कुल पूंजी (Equity + Debt) पर कितना रिटर्न कमाया।
जिग्नेश भाई का नियम: ROCE कम से कम 15% से 20% के बीच होना चाहिए। अगर ROCE, बैंक के इंटरेस्ट रेट से ज्यादा नहीं है, तो उस कंपनी में निवेश करने का कोई मतलब नहीं।
4. EPS (Earnings Per Share): हर शेयर की अपनी कमाई
EPS का मतलब है कि कंपनी अपने हर एक शेयर पर कितना मुनाफा कमा रही है।
मेरा मानना है: EPS जितना ज्यादा हो, उतना बेहतर है। साथ ही, यह पिछले कुछ सालों से लगातार बढ़ता हुआ होना चाहिए।
यह भी जाने: क्या कंपनी का मुनाफा सिर्फ कागजों पर है? यह जानने के लिए पढ़िए [Cash Flow Statement क्या है?]।
5. P/B Ratio (Price to Book Value)
यह रेशियो बताता है कि कंपनी की बुक वैल्यू (किताबी कीमत) के मुकाबले शेयर की बाजार कीमत कितनी है।
जिग्नेश भाई का क्राइटेरिया: मैं पर्सनली 1 से कम P/B रेशियो वाले स्टॉक्स को पसंद करता हूँ, क्योंकि ये बहुत सुरक्षित माने जाते हैं।
6. Debt to Equity Ratio: कर्ज का बोझ
यह रेशियो बताता है कि कंपनी पर अपने पैसों के मुकाबले कितना उधार है।
मेरा नियम: यह रेशियो जितना कम हो, उतना बेहतर। आदर्श रूप से इसे 1 से कम होना चाहिए। बिना कर्ज वाली कंपनी (Debt Free) जिग्नेश भाई की पहली पसंद होती है।
💡 Pro Tip: सिर्फ ‘Debt Free’ कंपनी ही काफी नहीं है, यह भी देखें कि कंपनी का ‘Interest Coverage Ratio’ कैसा है। अगर कंपनी अपना ब्याज आसानी से चुका पा रही है, तो थोड़ा कर्ज बुरा नहीं है।
7. PEG Ratio (Price/Earnings to Growth): ग्रोथ के साथ सस्तापन
PE रेशियो में एक कमी है कि वह ग्रोथ को नहीं देखता, इसलिए मैं PEG Ratio यूज करता हूँ।
जिग्नेश भाई का नियम: मैं मानता हूँ कि PEG रेशियो 1 से कम होना चाहिए। 1 से कम PEG का मतलब है कि कंपनी अपनी ग्रोथ के मुकाबले अभी भी सस्ती मिल रही है।
जिग्नेश भाई के मास्टर रेशियो टेबल (Summary Table)
| रेशियो (Ratio) | मेरा क्राइटेरिया (My Criteria) | महत्व (Significance) |
| PE Ratio | जितना कम हो उतना अच्छा | सस्ता या महंगा शेयर |
| ROE | 15% से ऊपर | निवेशकों की कमाई |
| ROCE | 15% – 20% से ऊपर | कुल पूंजी पर रिटर्न |
| EPS | बढ़ता हुआ (Higher is better) | लाभप्रदता |
| P/B Ratio | 1 से कम | सुरक्षित निवेश |
| Debt to Equity | 1 से कम (Lower is better) | कर्ज का बोझ |
| PEG Ratio | 1 से कम | ग्रोथ की वैल्यू |
यह भी जाने: अगर आप शेयर मार्केट में नए हैं, तो हमारा [Demat Account ओपनिंग गाइड] जरूर देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या सिर्फ एक रेशियो देखकर निवेश किया जा सकता है?
जिग्नेश भाई की सलाह: बिल्कुल नहीं! हमेशा सभी रेशियो का मिश्रण देखें। एक रेशियो आपको धोखा दे सकता है, लेकिन सात रेशियो मिलकर सच बोलेंगे।
Q2. ROCE और ROE में कौन ज्यादा महत्वपूर्ण है?
कर्ज वाली कंपनियों के लिए ROCE ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कर्ज और खुद के पैसे दोनों को कवर करता है।
Q3. PEG रेशियो 1 से ज्यादा हो तो क्या करें?
अगर कंपनी बहुत तेजी से ग्रो कर रही है, तो निवेशक 1.5 तक भी जाते हैं, लेकिन 1 से कम सबसे सुरक्षित है।
जिग्नेश भाई की विशेष सलाह (Conclusion)
मेरे प्यारे दोस्तों, फंडामेंटल एनालिसिस कोई गणित का कठिन सवाल नहीं है, बल्कि यह एक कला है। ये रेशियो आपको रास्ता दिखाते हैं, लेकिन अंतिम फैसला कंपनी के मैनेजमेंट और उसके बिजनेस मॉडल को देखकर ही लेना चाहिए।
जब भी निवेश करें, तो इन 7 रेशियो को अपनी चेकलिस्ट बना लें। याद रखिये, “शेयर मार्केट में पैसा कमाना आसान है, अगर आप उसे खोने से बचाना सीख जाएं।” jignman.com पर मेरा मकसद आपको एक आत्मनिर्भर निवेशक बनाना है।
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Jignesh J Makwana
Blogger & Founder – jignman.com
Disclaimer
यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। Jignman.com किसी भी वित्तीय निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है।