Gratuity Calculator India

Smart Gratuity Calculator 2026 | Eligibility & Tax Analyzer
ग्रेच्युटी के लिए योग्यता (Eligibility Status):Checking…
टैक्स-फ्री राशि (Tax-Free Amount):₹ 0
टैक्सेबल राशि (Taxable Gratuity):₹ 0
कुल ग्रेच्युटी राशि (Total Gratuity Amount):
₹ 0
💡 “आपकी सालों की वफादारी का इनाम, टैक्स-फ्री ग्रेच्युटी से पूरे करें अपने रुके हुए काम!”

Smart Gratuity Calculator 2026: जानें आपकी ग्रेच्युटी एलिजिबिलिटी और ₹20 लाख तक की टैक्स-फ्री लिमिट

नमस्कार दोस्तों! JignMan.com पर आपका स्वागत है।

जब कोई कर्मचारी किसी कंपनी में अपनी ज़िंदगी के कई अहम साल निकाल देता है, तो उसकी इस वफादारी और लंबी सेवा के बदले कंपनी उसे एक एकमुश्त (Lumpsum) इनाम देती है। इसी वित्तीय इनाम को हम ग्रेच्युटी (Gratuity) कहते हैं।

अक्सर जब हम नौकरी छोड़ते हैं या रिटायर होते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि “मुझे कितनी ग्रेच्युटी मिलेगी और क्या उस पर टैक्स लगेगा?” इंटरनेट पर मौजूद पुराने कैलकुलेटर्स आपको सिर्फ एक अंदाज़ा देते हैं, लेकिन हमारा यह एडवांस्ड Smart Gratuity Calculator & Tax Analyzer (2026 Edition) आपको ‘कवर्ड/नॉट कवर्ड’ के सटीक नियम और ‘टैक्स-फ्री लिमिट’ का पूरा विश्लेषण करके देता है।

आइए ग्रेच्युटी से जुड़े इन नियमों को बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं:

ग्रेच्युटी (Gratuity) क्या है और यह किसे मिलती है?

ग्रेच्युटी एक प्रकार का रिटायरमेंट बेनिफिट या फाइनेंशियल रिवॉर्ड है, जो नियोक्ता (Employer) द्वारा अपने कर्मचारी को दिया जाता है। यह पेमेंट ‘Payment of Gratuity Act, 1972’ के तहत कंट्रोल किया जाता है। यह रकम पूरी तरह से कंपनी अपनी तरफ से देती है, इसमें से आपकी सैलरी से कोई कटौती (Deduction) नहीं होती है, जैसा कि [Smart EPF Calculator] में हर महीने आपकी बेसिक सैलरी से 12% कटता है।

ग्रेच्युटी उन सभी कर्मचारियों को मिलती है जो किसी फैक्ट्री, खदान, ऑयल फील्ड, बंदरगाह, रेलवे कंपनी या ऐसी किसी भी संस्था में काम करते हैं जहाँ पिछले 12 महीनों में किसी भी दिन 10 या उससे अधिक कर्मचारी काम कर रहे हों।

5 साल का नियम: ग्रेच्युटी पाने के लिए एलिजिबिलिटी (Eligibility) क्या है?

ग्रेच्युटी का सबसे बड़ा और कड़ा नियम है—5 साल की लगातार सेवा (Continuous Service)। अगर आप किसी कंपनी में काम कर रहे हैं और आप ग्रेच्युटी पाना चाहते हैं, तो आपको उस कंपनी में कम से कम 5 साल तक लगातार काम करना होगा। अगर आप 4 साल 11 महीने में नौकरी छोड़ देते हैं, तो नियम के अनुसार आप ग्रेच्युटी के हकदार नहीं होंगे।

(अपवाद: किसी दुर्घटना में अपंगता या मृत्यु होने की स्थिति में यह 5 साल का नियम लागू नहीं होता है और ग्रेच्युटी का भुगतान तुरंत किया जाता है।) हमारे ऊपर दिए गए स्मार्ट कैलकुलेटर में एक इनबिल्ट एलिजिबिलिटी चेकर है। अगर आप 5 साल से कम का समय डालते हैं, तो टूल आपको तुरंत लाल रंग में “Not Eligible” दिखा देगा।

Payment of Gratuity Act: Covered vs Not Covered में क्या अंतर है?

ग्रेच्युटी की गणना करते समय सबसे बड़ा कन्फ्यूज़न यही होता है। हमारा टूल इस समस्या को एक सेकंड में सुलझा देता है:

1. Covered under the Act (एक्ट के तहत आने वाले कर्मचारी): * अगर आपकी कंपनी एक्ट में रजिस्टर्ड है, तो आपके महीने में 26 वर्किंग दिन (Working Days) माने जाते हैं (4 रविवार हटाकर)।

  • यूनिक फीचर: अगर आपने 5 साल और 6 महीने से ज़्यादा (जैसे 5 साल 7 महीने) काम किया है, तो एक्ट के तहत उसे पूरा 1 साल (यानी 6 साल) मान लिया जाएगा। हमारे कैलकुलेटर में यह नियम ऑटोमैटिकली काम करता है।

2. Not Covered under the Act (एक्ट के तहत नहीं आने वाले कर्मचारी):

  • जो संस्थाएं एक्ट में नहीं आतीं, वहां महीने के पूरे 30 दिन माने जाते हैं।

  • इसमें महीनों को राउंड-ऑफ (Round-off) नहीं किया जाता। अगर आपने 5 साल 11 महीने काम किया है, तो आपको सिर्फ 5 साल की ही ग्रेच्युटी मिलेगी।

15/26 का फॉर्मूला: ग्रेच्युटी की गणना (Calculation) कैसे होती है?

ग्रेच्युटी की कैलकुलेशन आपकी आखिरी बेसिक सैलरी (Basic) और मंहगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) पर की जाती है।

  • कवर्ड कर्मचारियों के लिए फॉर्मूला: (Last Basic + DA) x (15/26) x (Number of Years of Service)

  • नॉट कवर्ड कर्मचारियों के लिए फॉर्मूला: (Last Basic + DA) x (15/30) x (Number of Years of Service)

उदाहरण: मान लीजिए आपकी अंतिम बेसिक सैलरी+DA ₹50,000 है और आपने कवर्ड कंपनी में 5 साल 7 महीने (जिसे 6 साल माना जाएगा) काम किया है। तो कैलकुलेशन होगी: ₹50,000 x (15/26) x 6 = ₹1,73,076

ग्रेच्युटी पर इनकम टैक्स के नियम: ₹20 लाख की टैक्स-फ्री लिमिट को समझें

क्या ग्रेच्युटी का पूरा पैसा टैक्स-फ्री होता है? इसका जवाब है—हाँ, लेकिन एक लिमिट तक! इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 10(10) के अनुसार, आपकी ज़िंदगी भर की कुल ग्रेच्युटी पर ₹20 लाख तक की लिमिट 100% टैक्स-फ्री है।

अगर आपकी ग्रेच्युटी ₹20 लाख से कम है, तो आपको 1 रुपया भी टैक्स नहीं देना है। लेकिन अगर आपकी ग्रेच्युटी ₹25 लाख बनती है, तो ₹20 लाख टैक्स-फ्री होंगे और बाकी के ₹5 लाख पर आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। हमारा कैलकुलेटर आपको यह ‘टैक्स-फ्री’ और ‘टैक्सेबल’ अमाउंट बिल्कुल अलग-अलग करके दिखाता है।

ग्रेच्युटी के पैसे का क्या करें? नौकरी छोड़ने पर मिलने वाली इस एकमुश्त टैक्स-फ्री रकम को कभी भी बैंक के साधारण खाते में न छोड़ें। अगर आप इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो [Smart PPF Calculator] के ज़रिए टैक्स-फ्री रिटर्न पा सकते हैं। या फिर अगर आप अपनी रिटायरमेंट को एकदम टेंशन-फ्री बनाना चाहते हैं, तो इस लंपसम अमाउंट को हमारे [Smart NPS Calculator] के अनुसार इन्वेस्ट करके जीवन भर की गारंटीड पेंशन का इंतज़ाम कर सकते हैं।

Conclusion

ग्रेच्युटी आपकी सालों की कड़ी मेहनत का एक सम्मान है। आज ही ऊपर दिए गए टूल में अपनी बेसिक सैलरी और नौकरी के साल डालकर चेक करें कि आपकी ‘लॉयल्टी का रिवॉर्ड’ कितना बड़ा बन चुका है!

शेयर बाज़ार, इनकम टैक्स और फाइनेंस के इस तरह के जटिल नियमों को अपनी ही आसान भाषा में समझने के लिए जुड़े रहें JignMan.com के साथ।

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Jignesh Makwana (Finance Simplified)